रविवार, फ़रवरी 18, 2007

स्वर्णिम सूअर वर्ष

चीनी जनता और दुनिया के कोने-कोने में फैले चीनी लोग आज नए साल की शुरुआत कर रहे हैं. चंद्र कैलेंडर के हिसाब से हर चीनी वर्ष बारी-बारी से 12 जीवों में से एक का होता है. और आज से आरंभ चंद्र-वर्ष सूअर के नाम है.

सूअर के अलावा बाक़ी ग्यारह जीव हैं(क्रमवार): चूहा, बैल, बाघ, खरगोश, ड्रैगन(मिथकीय जीव), साँप, घोड़ा, भेड़, बंदर, मुर्ग़ा और कुत्ता.

यदि चीनी परंपरा के जानकारों की मानें तो ये हर बारहवें साल आने वाला सामान्य सूअर वर्ष नहीं, बल्कि विशेष स्वर्णिम सूअर वर्ष है जो 60 साल में आता है.

सूअर चीनी परंपरा में धन और संपन्नता से जुड़ा जीव है. चीनी समाज में अधिकतर लोग ये मानते हैं कि सूअर वर्ष हर परिवार के लिए किसी न किसी रूप में ख़ुशियाँ लेकर आता है.

सूअर वर्ष में पैदा हुए बच्चों को भाग्यशाली माना जाता है. ऐसे बच्चे आमतौर पर ईमानदार, सभ्य, मेहनती और भरोसेमंद होते हैं. माना जाता है कि ये बच्चे हमेशा दूसरों का प्यार पाते हैं. लोग उनकी मदद करने से कभी पीछे नहीं हटते. सूअर वर्ष में जन्मे बच्चे ख़ुश रहते हैं, ज़िंदगी में नाम कमाते हैं.

सूअर वर्ष में पैदा हुए बच्चों की ख़ासियत को देखते हुए अस्पतालों में विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं. अधिकतर अस्पतालों में जच्चा-बच्चा वॉर्ड का या तो विस्तार किया जा रहा है, या फिर अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है.

अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले राजधानी बीजिंग में इस साल 1,70,000 बच्चे पैदा होंगे. जो कि बीते साल की तुलना में 50,000 ज़्यादा है.

याद रहे कि चीन में अब भी एक बच्चा की नीति लागू है. हालाँकि हांगकांग में इसे उतनी सख़्ती से लागू नहीं किया जाता. वहाँ चीनी मुख्य भूमि के मुक़ाबले बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था भी है. इस तथ्य के मद्देनज़र हांगकांग प्रशासन को डर है कि इस साल 'गोल्डन पिग बेबी' की चाहत लिए भारी संख्या में महिलाएँ मुख्य भूमि से हांगकांग का रुख़ कर सकती हैं. और ऐसा हुआ तो हांगकांग का स्वास्थ्य तंत्र चरमरा जाएगा.

इस आशंका को देखते हुए हांगकांग प्रशासन ने इस महीने से एक नया क़ानून लागू किया है. इसके तहत मुख्य भूमि से हांगकांग आने वाली किसी गर्भवती महिला को ये सबूत देना पड़ेगा कि उसने पहले से ही अस्पताल में अपनी सीट बुक करा रखी है. यदि कोई महिला गर्भावस्था के सातवें महीने में पहुँच चुकी है, लेकिन उसने किसी अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में सीट नहीं बुक कराया है, तो उसे हांगकांग की ज़मीन पर पाँव नहीं रखने दिया जाएगा.(ये है 'एक देश, दो व्यवस्था' की नीति का कमाल.)

चीनियों के लिए सूअर का वर्ष बहुत ही बढ़िया होता है, लेकिन बाक़ी दुनिया पर इसका क्या प्रभाव रहेगा? भविष्यवक्ताओं की मानें तो इस सवाल का जवाब उतना अच्छा नहीं है. अनेक भविष्यवक्ता मानते हैं कि ये साल बड़ा ही उतार-चढ़ाव वाला होगा, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाएँ आएँगी, संघर्षों का विस्तार होगा.

चीनी मान्यता के अनुसार चंद्र कैलेंडर के हर साल पर ब्रह्मांड के अस्तित्व के आधारभूत पंचतत्वों(धातु, जल, लकड़ी, अग्नि और मिट्टी) में से कुछ का विशेष असर होता है.

सूअर के साल पर पंचतत्वों में से दो; अग्नि और जल का असर है. और, कुछ भविष्यवक्ताओं के अनुसार यही चिंता की बात है. पानी पर आग; यानि चीनी शास्त्रों के अनुसार संघर्षों और युद्धों का संकेत.

चलते-चलते एक ऐसा तथ्य जो कि सूअर के वर्ष के भयानक असर का एक बढ़िया उदाहरण माना जा सकता है: लाखों मौतों का ज़रिया बनने वाली एके-47 राइफ़ल का आविष्कार एक सूअर वर्ष में ही हुआ था! ...ग़ौर करें कि इस समय पाँच करोड़ से ज़्यादा एके राइफ़लें प्रचलन में हैं.

2 टिप्‍पणियां:

अनूप शुक्ला ने कहा…

सुअर वर्ष के बारे में जानकारी रोचक रही। अंत के पैराग्राफ में इस शुभवर्ष की विसंगति भी अच्छी तरह बताई। शुभ वर्ष में संहारक हथियार का उतपादन बढ़ा!

SHUAIB ने कहा…

अच्छी जानकरी है। यहां दुबई मे जहां मैं रहता हूं इंटर्नाशनल सिटी, अकसर चीनी रहते हैं - परसों इन लोगों ने बहुत लम्बा चलूस निकाला था बैंड बाजे के साथ।