गुरुवार, दिसंबर 15, 2005

ख़ुश पाई गई है मोनालिसा

किसी भी व्यक्ति के मुस्कान के कई अर्थ निकाले जा सकते हैं. और जब मुस्कान सबसे प्रसिद्ध यानि मोनालिसा की मुस्कान हो, तो उसके न जाने कितने अर्थ निकाले जाते रहेंगे. आइए देखें ताज़ा अर्थ क्या निकाला गया है.

विज्ञान पत्रिका न्यू साइंटिस्ट के 17 दिसंबर 2005 के अंक में नीदरलैंड्स के एम्सटर्डम विश्वविद्यालय के नीसू सीबी नामक वैज्ञानिक द्वारा किए गए अध्ययन के बारे में एक रिपोर्ट छपी है.

सीबी साहब ने लियोनार्दो दा विंची की प्रसिद्ध कृति मोनालिसा की मुस्कान से रहस्य का आवरण हटाने के लिए एक विशेष सॉफ़्टवेयर का प्रयोग किया जो कि चेहरे के भावों को पढ़ने के लिए ही प्रोग्रैम किया गया है. इलिनोइस विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित इस सॉफ़्टवेयर में होठों के घुमाव और आँखों के किनारे के संकुचन जैसे चेहरे की कई प्रमुख विशेषताओं की पड़ताल करने की क्षमता है. कंप्यूटर इन विशेषताओं के आधार पर चेहरे की तुलना छह मूल भावों से करता है. इसी के साथ नीसू सीबी ने अनेक युवतियों के चेहरे से जुड़े आँकड़े कंप्यूटर में जमा कर एक औसत 'न्यूट्रल' चेहरे का ख़ाका बनाया. कंप्यूटर द्वारा चिंहित मोनालिसा के चेहरे के भावों का न्यूट्रल चेहरे से मिलान करने पर पाया गया कि लियोनार्दो दा विंची की मोनालिसा बहुत ही ख़ुश है.

इस अध्ययन की पूरी रिपोर्ट को गणितीय भाषा में रखें, तो मोनालिसा के चेहरे के भाव को प्रतिशत में कुछ इस तरह व्यक्त किया जा सकता है:

ख़ुशी- 83
विरक्ति- 9
भय- 6
क्रोध- 2

पेरिस के लूव्र संग्रहालय में बुलेटप्रूफ़ शीशे के पीछे से मुस्करा रही मोनालिसा की मुस्कान 500 वर्षों से एक रहस्य बनी हुई है. मैं तो चाहूँगा यह रहस्य आगे भी बना रहे. अच्छा लगता है कुछ रहस्यों का बेपर्दा न होना!

क्लिक करें. देखें मोनालिसा को मिली नई जगह. सौजन्य:बीबीसी हिंदी

1 टिप्पणी:

ई-स्वामी ने कहा…

मुझे कोई रहस्य नही लगता इसकी मुस्कान में अगर विंची जैसा मास्टर और जीनियर आपका पोट्रेट बनाएगा तो आपकी मुस्कान भी ऐसी हो जाएगी खुशी के मारे :)