बुधवार, दिसंबर 07, 2005

तीसरा कौन?

अल-क़ायदा के शीर्ष नेतृत्व ने वर्षों बाद पहली बार खुल कर कहा है कि ओसामा बिल लादेन जीवित हैं. वरिष्ठ अल-क़ायदा नेता अयमन अल-ज़वाहिरी ने कहा कि ओसामा न सिर्फ जीवित हैं बल्कि वह पश्चिम के ख़िलाफ़ धर्मयुद्ध का नेतृत्व कर रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि अमरीका सरकार ओसामा को अल-क़ायदा का मुखिया मानती है और अल-ज़वाहिरी को उनका डिप्टी या दाहिना हाथ. मतलब ओसामा और अल-ज़वाहिरी कुख्यात आतंकवादी संगठन में क्रमश: पहले और दूसरे नंबर के नेता हुए. अमरीका सरकार ऐसा कहती है और दुनिया भी इस बात को मानती है.

चित्र: ओसामा और अल-ज़वाहिरी

लेकिन मसला अल-क़ायदा नेतृत्व में तीसरे नंबर के नेता को लेकर है. अल-क़ायदा संगठन में ओसामा और अल-ज़वाहिरी के बाद कौन सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है?

इस सवाल के जवाब में अमरीका पिछले तीन वर्षों के दौरान तीन चरमपंथियों का नाम ले चुका है. तीन साल पहले पाकिस्तान में खालिद शेख़ मोहम्मद की गिरफ़्तारी हुई. अमरीका ने अपनी पीठ थपथपाई कि अल-क़ायदा का नंबर तीन उसके हाथ लग गया है और अब तो उससे मिली जानकारी के आधार पर संगठन को तहस-नहस कर दिया जाएगा. तीन साल बीत गए अल-क़ायदा की गतिविधियाँ बढ़ी ही हैं.

ख़ैर, बात हो रही है अल-क़ायदा के नंबर-थ्री की. इसी साल मई में पाकिस्तान में ही अबू फ़राज अल-लिब्बी नामक आतंकवादी की गिरफ़्तारी हुई. अमरीका ने पूरी दुनिया को बताया कि अल-क़ायदा नेतृत्व का नंबर तीन पकड़ा गया है. दुनिया ने लीबिया के इस आतंकवादी के ख़ूंखार चरित्र के बारे में अमरीकी ब्यौरे को मान भी लिया.

लेकिन नहीं, इसी सप्ताह अमरीकी अधिकारियों ने अल-क़ायदा के एक और तीसरे नंबर के नेता का नाम लिया है. पाकिस्तान में एक विवादास्पद हमले में मारे गए अबू हमज़ा राबिया को अल-क़ायदा लीडरशिप में नंबर तीन बताया गया है.

मतलब अमरीका की माने तो तीन साल के भीतर पाकिस्तान में सक्रिय उसके एजेंटों ने अल-क़ायदा के दो नंबर-थ्री आतंकवादियों को पकड़ा है ओर एक को मारा है.

ऐसे में सीआईए और एफ़बीआई के साहिबान एक ही बार क्यों नहीं बता देते कि अल-क़ायदा के नंबर तीन की पहेली है क्या? क्या अल-क़ायदा में तीसरे नंबर के अनेक नेता हैं? क्या तीसरे नंबर की जगह के लिए अल-क़ायदा ने कोई पैनल बना रखा है? क्या तीसरे नंबर के आतंकवादी के पकड़े जाने या मारे जाने पर ओसामा तुरंत चौथे नंबर वाले को प्रोमोशन दे देते हैं?

3 टिप्‍पणियां:

Rajshree kumar ने कहा…

It is indeed a very good story. Al Qaida and its number three. This also shows lack of information on part of America. How it has often failed in catching Osama. America needs to do a lot to get information out of Pakistan regarding these top terrorists.

Jitendra Chaudhary ने कहा…

लेकिन मुशर्रफ़ अंकल का कहना है कि उनके देश मे कोई आतंकवादी नही है, अबे नही है क्या ये सारे के सारे आसमान मे टपकाये गये थे?

जहाँ अल कायदा का कोई आतंकवादी मारा जाता है, वहाँ मुशर्रफ़ अंकल भी अपनी पीठ थपथपाते हुए, अपने कटोरे को चमकाते हुए अमरीका के बुलावे का इन्तजार करने लगते है, अब देखा, कब बुलावा आता है, बुशवे का।

अनुनाद सिंह ने कहा…

अल-कायदा का तीसरा सरगना पाकिस्तान में राज कर रहा है और कथित रूप में अमेरिका के साथ है |