रविवार, दिसंबर 16, 2007

गूगल नॉल या गूगलपीडिया


अंतत: गूगल ने अपनी विकिपीडिया शुरू करने की घोषणा कर ही दी. गूगल विकिपीडिया को नॉल(Knol) नाम दिया गया है. नॉल यानि नॉलेज का गूगलावतार!

जैसा कि गूगल की इससे पहले की बड़ी परियोजनाओं या टेकओवर के बारे में होता आया है, नॉल के बारे में भी ख़बर हल्के से लीक की गई. गूगल के एक इंजीनियर यूडि मैनबर ने पिछले हफ़्ते The Official Google Blog पर इस परियोजना की जानकारी सार्वजनिक की.

मैनबर ने नॉल शब्द को नॉलेज की इकाई के रूप में परिभाषित किया है. आइए देखें नॉल परियोजना के बारे में वे और क्या-क्या कहते हैं, ख़ुद मैनबर के ही शब्दों में:

'दुनिया में लाखों लोगों के पास उपयोगी ज्ञान है, जिसका फ़ायदा अरबों लोग उठा सकते हैं. अधिकांश लोग अपने ज्ञान को सिर्फ़ इसलिए बाँट नहीं पाते हैं क्योंकि उनके पास इसका कोई सरल तरीका नहीं है. हमें ऐसा ज़रिया ढूंढने के लिए कहा गया जिसके ज़रिए लोग अपना ज्ञान बाँट सकें. यही हमारा मुख्य उद्देश्य है.'

'हमारा लक्ष्य है किसी ख़ास विषय का ज्ञान रखने वाले व्यक्ति को उस विषय पर एक आधिकारिक आलेख लिखने के लिए प्रेरित करना.'

'नॉल परियोजना के पीछे एक प्रमुख विचार लेखक के नाम को रेखांकित करने का भी है. किताबों के कवर पर ही लेखक का नाम होता है, सामयिक लेखों के साथ लेखक का नाम जाता है और विज्ञान लेखों के साथ तो अनिवार्य रूप लेखक का नाम छपता है. लेकिन वेब का विकास कुछ इस तरह हुआ है कि लेखकों के नाम को प्रमुखता देने का प्रचलन स्थापित नहीं हो पाया. हमें लगता है कि लेखक का नाम देने से लोगों को वेब सामग्री के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी.'

'गूगल लेखन, संपादन आदि के लिए आसान टूल्स उपलब्ध कराएगा. ये नॉल की मुफ्त होस्टिंग की भी व्यवस्था करेगा. आप सिर्फ़ लिखें भर, बाक़ी काम हम करेंगे.'

'किसी विषय विशेष पर नॉल की भूमिका वैसे बुनियादी लेख की होगी, जो कि उस विषय की जानकारी पहली बार ढूंढ रहा कोई व्यक्ति पढ़ना चाहता हो.'

'गूगल नॉल लेखों पर किसी तरह का संपादकीय नियंत्रण नहीं रखेगा, न ही किसी नॉल विशेष की तरफ़दारी करेगा. तमाम संपादकीय नियंत्रण और ज़िम्मेदारी ख़ुद लेखक की होगी. लेखक अपनी साख दाँव पर लगाएगा.'

'हम ये अपेक्षा नहीं करते कि सभी लेख उच्च स्तर के होंग. लेकिन जब एक ही विषय पर अलग-अलग नॉल गूगल सर्च में दिखेंगे तो उनकी रैंकिंग गुणवत्ता के हिसाब से होगी. वेब पेज की रैंकिंग का हमारा अच्छा अनुभव है, और हमें पूरा विश्वास है कि हम इस चुनौतीपूर्ण काम को भी ढंग से संभाल सकेंगे.'

ज़ाहिर है, यदि गूगल उपरोक्त बातों को कार्यान्वित कर पाएगा तो एक बिल्कुल ही नए तरह की विकिपीडिया तैयार हो सकेगी. गूगल नॉल में विकिपीडिया जैसा 'संपादन युद्ध' देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि इसमें सामूहिक संपादन की व्यवस्था नहीं होगी.

गूगल नॉल एक अन्य मामले में विकिपीडिया से बिल्कुल अलग होगा. चूँकि गूगल का बिज़नेस मॉडल वेबजाल के हर पन्ने पर विज्ञापन डालने की कोशिशों को बढ़ावा देता है. इसलिए गूगल नॉल के पन्नों पर भी विज्ञापन डालने की भी गुंज़ाइश होगी. हालाँकि अभी गूगल का कहना है कि विज्ञापन उन्हीं नॉल पन्नों पर होंगे जिसका लेखक इसके लिए ख़ुद हामी भरेगा. नॉल के विज्ञापनों से होने वाली आय का एक हिस्सा लेखक को मिलेगा. (कहने की ज़रूरत नहीं कि इस आय का बड़ा हिस्सा गूगल के पास रहेगा!)

सीमित स्तर पर गूगल की नॉल परियोजना शुरू हो चुकी है. और अगले कुछ महीनों में इसे सबके के लिए खोल दिया जाएगा.

2 टिप्‍पणियां:

ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey ने कहा…

आपने हिन्दी ब्लॉगजगत को यह जानकारी दे बहुत अच्छा किया।

kunnu singh ने कहा…

wikipedia kya hota hai? yeh kish kaam ka hai?