गुरुवार, जून 21, 2007

फ़िल्म स्टूडियो के मशहूर लोगो

हॉलीवुड की अधिकांश बड़े बजट की फ़िल्में किसी न किसी स्टूडियो द्वारा निर्मित होती हैं. किसी स्टूडियो की बनी फ़िल्म के शुरू में बड़े ही धमाकेदार ढंग से उसके लोगो को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाता है. प्रस्तुति से पता चल जाता है कि लोगो प्रदर्शन के पीछे ज़रूर गर्व का एक भाव रहा होगा. आइए हॉलीवुड स्टूडियोज़ के पाँच मशहूर शुभंकरों का जायज़ा लेते हैं.

1. एमजीएम का शेर

लिओ नामक शेर मेट्रो-गोल्डविन-मेयर यानि एमजीएम स्टूडियो का 1916 से ही शुभंकर रहा है. सैमुअल गोल्डविन ने विज्ञापन विशेषज्ञ हॉवर्ड डिएट्ज़ से एक ऐसा लोगो बनाने के लिए कहा था जिसकी आवाज़ मूक फ़िल्मों के स्क्रीन से भी सुनी जा सके. डिएट्ज़ ने डिज़ायन तैयार करते समय अपने कॉलेज के आदर्श वाक्य 'Roar, Lion, Roar' को भी याद किया. इस तरह बना ये ऐतिहासिक लोगो. एमजीएम का पहला शुभंकर बना स्लैट्स नामक एक शेर जिसे दहाड़ने के बजाय गुर्राने के लिए प्रशिक्षित किया गया था. स्लैट्स 1936 में मरने तक एमजीएम का प्रचार करता रहा. उसके बाद तीन और शेर एमजीएम के लोगो में बारी-बारी से आए. मौजूदा ग़ुस्सैल दिखने वाला बेनाम शेर 1957 से ही एमजीएम की फ़िल्मों के आरंभ में मौजूद रहा है. सिर्फ़ 1968 में 2001:A Space Odyssey फ़िल्म में इसकी जगह एक अन्य शेर को जगह मिली थी.

2. कोलंबिया की मशालवाहक

कोलंबिया स्टूडियो की मशालधारी महिला पहली बार 1924 में दिखी. शुरू में वो सादा पृष्ठभूमि में ही दिखती थी. प्रकाश की चमक और बादलों को 1936 में डिज़ायन में जगह मिली. 1975 में टैक्सी ड्राइवर फ़िल्म में दिखने के बाद छह वर्षों के लिए ये प्रचलन में नहीं रही. उस दौरान मशालधारी महिला की जगह एक अमूर्त डिज़ायन को जगह मिली जिसमें महिला को हटा कर उसके मशाल से निकलने वाली रोशनी मात्र को रहने दिया गया था. लेकिन 1981 में मशालवाहक महिला फिर से कोलंबिया की फ़िल्मों में आने लगी. मौजूदा लोगो 1993 से प्रचलन में हैं. इस लोगो की मशालधारी को ह्यूस्टन में रहने वाली दो बच्चों की माँ जेनी जोसेफ़ को मॉडेल बना कर तैयार किया गया था.

3. 20th सेंचुरी फ़ॉक्स

20th Century Fox का लोगो 1933 में एमिल कोसा जूनियर ने तैयार किया था. उसकी कृति में पार्श्व संगीत दिया था युनाइटेड आर्टिस्ट के संगीत निर्देशक अल्फ़्रेड न्यूमैन ने. 1935 में 20th Century Pictures और Fox Films के विलय के बाद इस लोगो में फ़ॉक्स का नाम आया. उसके बाद इस डिज़ायन में कई बार बदलाव किए गए. 1970-71 में इसे हटा दिया गया, लेकिन दर्शकों और शेयरधारियों की माँग के बाद फिर से इसे फ़िल्मों में लगाया जाने लगा. मौजूदा लोगो में अल्पविराम या pause से पूर्व नगाड़े के अंतिम ढम्म के साथ रोशनी तेज़ हो जाती है. ये सिनेमाघर के तकनीशियन को जाँचने का मौक़ा देता है कि तस्वीर के साथ आवाज़ का क्रम बिल्कुल सही है या नहीं.

4. पारामाउंट की पर्वत चोटी

पारामाउंट का लोगो प्रचलन में रहने वाला सबसे पुराना फ़िल्म स्टूडियो लोगो है. इसका रेखाचित्र 1914 में एक बैठक के दौरान स्टूडियो के संस्थापक विलियम डब्ल्यू होडकिन्सन ने एक नैपकिन पर बनाया था. यदि इस डिज़ायन में सचमुच की पर्वत चोटी को आधार बनाया गया है, तो ये चोटी अमरीका के यूटा प्रांत के ओगडेन में बेन लोमोंड चोटी ही होगी. होडकिन्सन वहीं पले-बढ़े थे. शुरूआती दिनों का लोगो चारकोल से बना था और उसके ऊपर गोलाकार दायरे में 24 तारे बने थे. कहते हैं पारामाउंट स्टूडियो से उस समय 24 फ़िल्म स्टार संबद्ध थे.

5. यूनीवर्सल का ग्लोब

यूनीवर्सल स्टूडियो का ग्लोब भी 1920 के दशक से ही अस्तित्व में है. शुरू में UNIVERSAL ग्लोब के आरपार एक प्रकाश पुँज पर लिखा होता था. बाद के डिज़ायनों में यूनीवर्सल शब्द को विमान से फहराता दिखाया गया. 1940 के दशक में कुछ समय तक तारों भरे आकाश में ग्लोब को घूमता दिखाया जाता था. और 1964 में तो कैमरा अंतरिक्ष की ओर घूमते-घूमते ग्लोब पर आकर टिकता था.

6 टिप्‍पणियां:

नितिन बागला ने कहा…

रोचक जानकारी।
धन्यवाद।
कभी बालिवुड घरानों के प्रतीक चिन्हों के बारे में भी छापिये।

yunus ने कहा…

कमाल की जानकारी । मज़ा आ गया ।

Sanjeet Tripathi ने कहा…

बढ़िया जानकारी!
शुक्रिया!

अतुल शर्मा ने कहा…

नई जानकारी, धन्यवाद।

Rodrigo ने कहा…

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Shrish ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी दी धन्यवाद!